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दशलक्षण महापर्व 2026Dashlakshan Mahaparv 2026

भक्ति • पाठ • लय

भक्ति एवं लय

Bhakti & Tunes

भजन संग्रह, बच्चों के लिए भक्ति, और पूजन-विधान के छन्दों को सही धुन में गाने की मार्गदर्शिका।

Bhajan collections, devotion for children, and a guide to singing the pujan metres in the right tune.

सुनें और साथ में पूजन करेंदशलक्षण पूजन · सम्पूर्ण विधान · क्षमावाणी — वीडियोListen and join in — pujan & vidhan videosWatch
पूजन-विधान की लय सीखें22 छन्द · वीडियो सहित · पं. समकित शास्त्रीLearn the tunes — 22 metres with videoListen

पूजन-विधान की लय

Tunes guide

किस छन्द को किस भजन की धुन में गाएँ — मार्गदर्शिका।

भजन एवं पाठ संग्रह

Bhajan & path collections

आध्यात्मिक एवं भक्ति भजनों तथा पाठ-स्तोत्रों के संकलन।

PDF5 पृष्ठ1.1 MB

छंद-राग सूची

दोहा, ताटंक, वीर, चौपाई आदि छंदों के अनुसार लोकप्रिय जैन भजनों की सूची, ताकि पूजन-पद उसी लय में गाए जा सकें (5 पृष्ठ, हस्तलिखित)।

PDF83 पृष्ठ25 MB

भक्ति-लहर

रचयिता Author: अनुभव प्रकाश जैन “श्री वाले”

बच्चों के लिए

For children

छोटे साधकों के लिए सरल भक्ति।

PDF12 पृष्ठ1.1 MB

जैन पाठशाला — बाल भजन

‘मैं तो अपने आप से अनजान हो गया’ आदि पाठशाला के बच्चों के भजन व कविताएँ (12 पृष्ठ, स्कैन)।

PDF3 पृष्ठ139 KB

भगवान बनेंगे

‘सम्यग्दर्शन प्राप्त करेंगे’ जैसी पंक्तियों वाली बच्चों की संकल्प-कविता (3 पृष्ठ)।

PDF6 पृष्ठ4.2 MB

आध्यात्मिक गिनती

‘नंबर इज़ द वन, तू सत्यवादी बन’ जैसी बच्चों की आध्यात्मिक गिनती-कविता (6 पृष्ठ)।

गरबा, घूमर एवं नृत्य भक्तियाँ

Garba, Ghoomar & dance bhaktis

भक्ति-संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गरबा, घूमर व नृत्य के लिए 102 भक्तियों की सूची।A list of 102 bhaktis for garba, ghoomar and dance at bhakti evenings and cultural programmes.

गरबा भक्तियाँ · Garba46

  1. 1रंगमा रंगमा रंगमा रे प्रभु थारा ही रंग मा रंग गयो रे284
  2. 2जीयरा ओ जीयरा जीयरा ओ जीयरा168
  3. 3रंग लाग्यो महावीर थारो रंग लाग्यो52
  4. 4सर्वज्ञ के वचन सदा जयवंत रहेंगेमंगल भक्ति सुमन के आरम्भ में · At the start of Mangal Bhakti Suman
  5. 5भावना की चुनर भावना की चुनर ओढ के जिनमंदिर मा आवजो रे244
  6. 6इक मुनिराज झुलना झुलता था, वे तो छटवे और सातवें में झुल रहा था
  7. 7हे वीर रे आये हैं तेरे हम द्वार ओ जय जय, वीर प्रभु जय जय243
  8. 8अमा जैनकुल में जन्मया अभिमान करो रे
  9. 9ज्ञान दर्शन लक्षण में पाया, जिसमें जाननहार जनाया, आत्मा ऐसा ही है202
  10. 10झुलाय दियो पलना धीरे धीरे142
  11. 11ज्ञानमयी चेतन तुझे जग से क्या काम198
  12. 12ज्ञान सम्यक मेरा हो गया197
  13. 13ॐकारमयी वाणी तेरी, जिनधर्म की शान है162
  14. 14आये आये रे जिनंदा, आये रे जिनंदा तोरी शरण में आये26
  15. 15कोई इत आओ जी वीतराग ध्याओ जी, जिनगुण की आरती संजोय लाओ जी25
  16. 16अरिहंत जय जय बोलो भगवंत जय जय5
  17. 17सीमंधर मुख तें फुलवा खिरे, जाकी कुंदकुंद गूंथे माल रे233
  18. 18आया पंचकल्याणक महान, श्री नेमी बनेंगे भगवान
  19. 19माँ जिनवाणी ज्ञायक बताय दियो रे61
  20. 20नाचे रे इन्दर देव रे, जन्म कल्याणक की बज रही बधाइयाँ140
  21. 21थारी भक्ति रचाई, स्वीकारो ना
  22. 22मैं तो छोड चला गतियों का वेष, सिद्धो का घर प्यारा लगे221
  23. 23प्रेम जब अनंत हो गया, रोम रोम संत हो गया267
  24. 24धन्य धन्य वीतराग वाणी, अमर तेरी जग में कहानी66
  25. 25घर घर आनंद छायो, मुनिवर ने केवल पायो160
  26. 26चेतन है तु, ध्रुव ज्ञायक है तु275
  27. 27जन जन को अचरज आयो, नेमि ने रथ मुडवायो154
  28. 28आनंद अंतर में आज ना समाय149
  29. 29मोहे लागी लगन गुरु चरणन की, गुरु चरणन की गुरु चरणन की288
  30. 30न रागी बनुंगा मैं, न द्वेषी बनुंगा222
  31. 31पंखिडा ओ पंखिडा, पंखिडा रे उड के आओ138
  32. 32जिनवाणी अमृत रसाल, रसिया आवो रे सुनवा79
  33. 33नित पीज्यो धी धारी, जिनवाणी सुधा सम जानके69
  34. 34धिक्-धिक् जीवन समकित बिना179
  35. 35विश्व तीर्थ बडा प्यारा, अजब है नजारा आओ यहां रे247
  36. 36आदीश्वर स्वामी वंदु मैं बारंबार241
  37. 37मोहे भावे ना भैया थारो देश, रहुंगा मैं तो निजघर में215
  38. 38आनंद श्रोत बह रहा और तु उदास है211
  39. 39धन-धन साधर्मी मिलन की घडी189
  40. 40दिव्यध्वनि वीरा खिराई आज शुभ दिन164
  41. 41संसार लगने लगा अब असार निज ज्ञायक कि सुधि आई155
  42. 42आनंद अवसर आयो, मुनिवर दर्शन पायो153
  43. 43जिनवाणी माँ जिनवाणी माँ जयवंतो मोरी जिनवाणी माँ74
  44. 44जिनवाणी सुन लो रे, भैया जिनवाणी सुन लो रे66
  45. 45छोटा-सा मंदिर बनायेंगे वीर गुण गायेंगे53
  46. 46मंगल गाओ, कलश सजाओ, आज हमारे प्रभु घर आयेंगे

घूमर भक्तियाँ · Ghoomar34

  1. 1म्हारी जिनवाणी मां तो महान वीरा रे89
  2. 2वीर भज ले रे मन वीर भज ले
  3. 3साँवरिया पारसनाथ शिखर पर भला विराजा जी
  4. 4शुद्धातम की बात बता दो वीरा मैं तो दर्शन करने आऊंगा206
  5. 5म्हारी माँ जिनवाणी थारी तो जय जयकार62
  6. 6पारस प्यारा लागे, चवलेंश्वर प्यारा लागे59
  7. 7मितवा रे सुमिरन अवसर आयो256
  8. 8कैसो सुंदर अवसर आयो रे -२, ज्ञान स्वभावी आत्मा मारे मन मे भायो रे
  9. 9आओ रे आओ रे ज्ञानानंद की डगरिया194
  10. 10म्हारा पंच प्रभु भगवान सुहावनो रे12
  11. 11मंगल ये अवसर आंगण आयो जी प्रभु जी आये हैं हमारी नगरी137
  12. 12म्हारे आंगण आज आई देखो मंगल घडी135
  13. 13मीठे रस से भरी जिनवाणी लागे72
  14. 14जिनको जिनधर्म सुहाया जिनराज हो गये50
  15. 15चलो चले सांवरिया, ज्ञान की भर लो गागरिया
  16. 16आज तो बधाई राजा नाभि के दरबार में141
  17. 17थे तो जिनवाणी के मारग मारग चालो रे म्हारा मनडा83
  18. 18रे मन भज ले प्रभु का नाम उमरिया रह गयी थोडी50
  19. 19आत्मा ही समयसार म्हाने जिनवाणी सिखलइयो70
  20. 20म्हारे आंगने में आये मुनिराज हमारो मन नाचे रे97
  21. 21अपना करना हो कल्याण सांचे गुरुवर को पहचान103
  22. 22निर्ग्रथों का मार्ग हमको प्राणो से भी प्यारा है104
  23. 23मैंने गुरुवर को है ध्याया उनके उपदेशो को पाया111
  24. 24आओ नी आओ नी भविजन सिद्धक्षेत्र के तले169
  25. 25ये धर्म हमारा है, हमें अति प्यारा है256
  26. 26जिनवाणी जग मैया जनम दु:ख मेट दो84
  27. 27तू कितनी मनहर है, तु कितनी सुखकर है, सुपथ दिखलाती है, ओ मां82
  28. 28ना राग ना द्वेष, धरा दिगंबर वेष, न किंचित् ममता शेष तुम्हीं तो मेरे जिनवर हो56
  29. 29रोम-रोम से निकले प्रभुवर नाम तुम्हारा, हां नाम तुम्हारा19
  30. 30आप्त आगम गुरुवर सौख्य दातार है8
  31. 31मैं महापुण्य उदय से जिनधर्म पा गया6
  32. 32रोम-रोम में नेमिकुंवर के उपशम रस कि धारा152
  33. 33वेष दिगंबर धार चलें है मुनि दुल्हा बनके151
  34. 34छोटी-छोटी बइंया, घुंघराले बाल146

नृत्य भक्तियाँ · Dance22

  1. 1यह धर्म है आतम ज्ञानी का, सीमंधर महावीर स्वामी का281
  2. 2मितवा रे सुमिरन अवसर आयो245
  3. 3करो धरम से प्यार अमृत बरसेगा253
  4. 4कैसा अवसर आया सुहाना कि देखो जन्मोत्सव है मनाना132
  5. 5जब जन्में तीर्थंकर तब सारी वसुधा पर132
  6. 6दिन आयो दिन आयो दिन आयो आज जन्म कल्याणक दिन आयो139
  7. 7समवसरण आये भक्तों की टोलियां160
  8. 8अनंत चतुष्टय वंत हुये कैवल्य भानु उदित हुआ163
  9. 9जिन देख मगन भयो मेरो मनवा186
  10. 10क्षणभंगुर इस झुठे जग में अब मुझको नहीं रहना221
  11. 11ये प्रण है हमारा ना जन्में दुबारा228
  12. 12छोटे छोटे मुनिवर हो गये निहाल239
  13. 13आनंद अंतर मा आज ना समाय149
  14. 14नाचे रे इन्दर देव रे140
  15. 15मुनिवर आज मेरी कुटिया में आये हैं100
  16. 16होली खेले मुनिराज रे वन में होली खेले मुनि वन में95
  17. 17माँ जिनवाणी ज्ञायक बताय दियो रे61
  18. 18वीर गये निर्वाण चलिये उत्सव में170
  19. 19नेमि चले रे गिरनार, पानी छमाछम बरसे
  20. 20बहे अमृत धार देखो सरारारारा131
  21. 21ऊंचे-ऊंचे शिखरों वाला है ये तीरथ हमारा248
  22. 22अरररररररर रे मनडो रे लाग्यो रे भक्ति में244

दशलक्षण प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता · Dashlakshan Quiz

प्रतिदिन सायं 4:00 – 4:45 बजे — उस दिन के धर्म पर लाइव Quiz

प्रथम ₹5,000 · द्वितीय ₹3,000 · तृतीय ₹2,000 · चतुर्थ–षष्ठ ₹1,500 प्रत्येक नकद पुरस्कार

प्रतिदिन सायं 4:00 – 4:45 बजे (45 मिनट) उस दिन के धर्म पर लाइव प्रश्नोत्तरी — Leaderboard, सहभागिता प्रमाण-पत्र एवं प्रथम छह स्थानों को नकद पुरस्कार (परिणाम क्षमावाणी, 27 सितम्बर)।