भक्ति • पाठ • लय
भक्ति एवं लय
Bhakti & Tunes
भजन संग्रह, बच्चों के लिए भक्ति, और पूजन-विधान के छन्दों को सही धुन में गाने की मार्गदर्शिका।
Bhajan collections, devotion for children, and a guide to singing the pujan metres in the right tune.
पूजन-विधान की लय
Tunes guide
किस छन्द को किस भजन की धुन में गाएँ — मार्गदर्शिका।
भजन एवं पाठ संग्रह
Bhajan & path collections
आध्यात्मिक एवं भक्ति भजनों तथा पाठ-स्तोत्रों के संकलन।
PDF44 पृष्ठ2.8 MB
अन्तर्ध्वनि — आध्यात्मिक भजन संग्रह
रचयिता Author: पण्डित संजीव जैन, उस्मानपुर-दिल्ली
PDF5 पृष्ठ1.1 MB
छंद-राग सूची
दोहा, ताटंक, वीर, चौपाई आदि छंदों के अनुसार लोकप्रिय जैन भजनों की सूची, ताकि पूजन-पद उसी लय में गाए जा सकें (5 पृष्ठ, हस्तलिखित)।
बच्चों के लिए
For children
छोटे साधकों के लिए सरल भक्ति।
PDF17 पृष्ठ29 MB
जैन पोएम्स — बाल काव्य
सिद्ध प्रभु, मंदिर आदि विषयों पर बच्चों की छोटी धार्मिक कविताएँ (17 पृष्ठ, स्कैन)।
PDF12 पृष्ठ1.1 MB
जैन पाठशाला — बाल भजन
‘मैं तो अपने आप से अनजान हो गया’ आदि पाठशाला के बच्चों के भजन व कविताएँ (12 पृष्ठ, स्कैन)।
PDF3 पृष्ठ139 KB
भगवान बनेंगे
‘सम्यग्दर्शन प्राप्त करेंगे’ जैसी पंक्तियों वाली बच्चों की संकल्प-कविता (3 पृष्ठ)।
PDF6 पृष्ठ4.2 MB
आध्यात्मिक गिनती
‘नंबर इज़ द वन, तू सत्यवादी बन’ जैसी बच्चों की आध्यात्मिक गिनती-कविता (6 पृष्ठ)।
गरबा, घूमर एवं नृत्य भक्तियाँ
Garba, Ghoomar & dance bhaktis
भक्ति-संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गरबा, घूमर व नृत्य के लिए 102 भक्तियों की सूची।A list of 102 bhaktis for garba, ghoomar and dance at bhakti evenings and cultural programmes.
गरबा भक्तियाँ · Garba46
- 1रंगमा रंगमा रंगमा रे प्रभु थारा ही रंग मा रंग गयो रे284
- 2जीयरा ओ जीयरा जीयरा ओ जीयरा168
- 3रंग लाग्यो महावीर थारो रंग लाग्यो52
- 4सर्वज्ञ के वचन सदा जयवंत रहेंगेमंगल भक्ति सुमन के आरम्भ में · At the start of Mangal Bhakti Suman
- 5भावना की चुनर भावना की चुनर ओढ के जिनमंदिर मा आवजो रे244
- 6इक मुनिराज झुलना झुलता था, वे तो छटवे और सातवें में झुल रहा था
- 7हे वीर रे आये हैं तेरे हम द्वार ओ जय जय, वीर प्रभु जय जय243
- 8अमा जैनकुल में जन्मया अभिमान करो रे
- 9ज्ञान दर्शन लक्षण में पाया, जिसमें जाननहार जनाया, आत्मा ऐसा ही है202
- 10झुलाय दियो पलना धीरे धीरे142
- 11ज्ञानमयी चेतन तुझे जग से क्या काम198
- 12ज्ञान सम्यक मेरा हो गया197
- 13ॐकारमयी वाणी तेरी, जिनधर्म की शान है162
- 14आये आये रे जिनंदा, आये रे जिनंदा तोरी शरण में आये26
- 15कोई इत आओ जी वीतराग ध्याओ जी, जिनगुण की आरती संजोय लाओ जी25
- 16अरिहंत जय जय बोलो भगवंत जय जय5
- 17सीमंधर मुख तें फुलवा खिरे, जाकी कुंदकुंद गूंथे माल रे233
- 18आया पंचकल्याणक महान, श्री नेमी बनेंगे भगवान
- 19माँ जिनवाणी ज्ञायक बताय दियो रे61
- 20नाचे रे इन्दर देव रे, जन्म कल्याणक की बज रही बधाइयाँ140
- 21थारी भक्ति रचाई, स्वीकारो ना
- 22मैं तो छोड चला गतियों का वेष, सिद्धो का घर प्यारा लगे221
- 23प्रेम जब अनंत हो गया, रोम रोम संत हो गया267
- 24धन्य धन्य वीतराग वाणी, अमर तेरी जग में कहानी66
- 25घर घर आनंद छायो, मुनिवर ने केवल पायो160
- 26चेतन है तु, ध्रुव ज्ञायक है तु275
- 27जन जन को अचरज आयो, नेमि ने रथ मुडवायो154
- 28आनंद अंतर में आज ना समाय149
- 29मोहे लागी लगन गुरु चरणन की, गुरु चरणन की गुरु चरणन की288
- 30न रागी बनुंगा मैं, न द्वेषी बनुंगा222
- 31पंखिडा ओ पंखिडा, पंखिडा रे उड के आओ138
- 32जिनवाणी अमृत रसाल, रसिया आवो रे सुनवा79
- 33नित पीज्यो धी धारी, जिनवाणी सुधा सम जानके69
- 34धिक्-धिक् जीवन समकित बिना179
- 35विश्व तीर्थ बडा प्यारा, अजब है नजारा आओ यहां रे247
- 36आदीश्वर स्वामी वंदु मैं बारंबार241
- 37मोहे भावे ना भैया थारो देश, रहुंगा मैं तो निजघर में215
- 38आनंद श्रोत बह रहा और तु उदास है211
- 39धन-धन साधर्मी मिलन की घडी189
- 40दिव्यध्वनि वीरा खिराई आज शुभ दिन164
- 41संसार लगने लगा अब असार निज ज्ञायक कि सुधि आई155
- 42आनंद अवसर आयो, मुनिवर दर्शन पायो153
- 43जिनवाणी माँ जिनवाणी माँ जयवंतो मोरी जिनवाणी माँ74
- 44जिनवाणी सुन लो रे, भैया जिनवाणी सुन लो रे66
- 45छोटा-सा मंदिर बनायेंगे वीर गुण गायेंगे53
- 46मंगल गाओ, कलश सजाओ, आज हमारे प्रभु घर आयेंगे
घूमर भक्तियाँ · Ghoomar34
- 1म्हारी जिनवाणी मां तो महान वीरा रे89
- 2वीर भज ले रे मन वीर भज ले
- 3साँवरिया पारसनाथ शिखर पर भला विराजा जी
- 4शुद्धातम की बात बता दो वीरा मैं तो दर्शन करने आऊंगा206
- 5म्हारी माँ जिनवाणी थारी तो जय जयकार62
- 6पारस प्यारा लागे, चवलेंश्वर प्यारा लागे59
- 7मितवा रे सुमिरन अवसर आयो256
- 8कैसो सुंदर अवसर आयो रे -२, ज्ञान स्वभावी आत्मा मारे मन मे भायो रे
- 9आओ रे आओ रे ज्ञानानंद की डगरिया194
- 10म्हारा पंच प्रभु भगवान सुहावनो रे12
- 11मंगल ये अवसर आंगण आयो जी प्रभु जी आये हैं हमारी नगरी137
- 12म्हारे आंगण आज आई देखो मंगल घडी135
- 13मीठे रस से भरी जिनवाणी लागे72
- 14जिनको जिनधर्म सुहाया जिनराज हो गये50
- 15चलो चले सांवरिया, ज्ञान की भर लो गागरिया
- 16आज तो बधाई राजा नाभि के दरबार में141
- 17थे तो जिनवाणी के मारग मारग चालो रे म्हारा मनडा83
- 18रे मन भज ले प्रभु का नाम उमरिया रह गयी थोडी50
- 19आत्मा ही समयसार म्हाने जिनवाणी सिखलइयो70
- 20म्हारे आंगने में आये मुनिराज हमारो मन नाचे रे97
- 21अपना करना हो कल्याण सांचे गुरुवर को पहचान103
- 22निर्ग्रथों का मार्ग हमको प्राणो से भी प्यारा है104
- 23मैंने गुरुवर को है ध्याया उनके उपदेशो को पाया111
- 24आओ नी आओ नी भविजन सिद्धक्षेत्र के तले169
- 25ये धर्म हमारा है, हमें अति प्यारा है256
- 26जिनवाणी जग मैया जनम दु:ख मेट दो84
- 27तू कितनी मनहर है, तु कितनी सुखकर है, सुपथ दिखलाती है, ओ मां82
- 28ना राग ना द्वेष, धरा दिगंबर वेष, न किंचित् ममता शेष तुम्हीं तो मेरे जिनवर हो56
- 29रोम-रोम से निकले प्रभुवर नाम तुम्हारा, हां नाम तुम्हारा19
- 30आप्त आगम गुरुवर सौख्य दातार है8
- 31मैं महापुण्य उदय से जिनधर्म पा गया6
- 32रोम-रोम में नेमिकुंवर के उपशम रस कि धारा152
- 33वेष दिगंबर धार चलें है मुनि दुल्हा बनके151
- 34छोटी-छोटी बइंया, घुंघराले बाल146
नृत्य भक्तियाँ · Dance22
- 1यह धर्म है आतम ज्ञानी का, सीमंधर महावीर स्वामी का281
- 2मितवा रे सुमिरन अवसर आयो245
- 3करो धरम से प्यार अमृत बरसेगा253
- 4कैसा अवसर आया सुहाना कि देखो जन्मोत्सव है मनाना132
- 5जब जन्में तीर्थंकर तब सारी वसुधा पर132
- 6दिन आयो दिन आयो दिन आयो आज जन्म कल्याणक दिन आयो139
- 7समवसरण आये भक्तों की टोलियां160
- 8अनंत चतुष्टय वंत हुये कैवल्य भानु उदित हुआ163
- 9जिन देख मगन भयो मेरो मनवा186
- 10क्षणभंगुर इस झुठे जग में अब मुझको नहीं रहना221
- 11ये प्रण है हमारा ना जन्में दुबारा228
- 12छोटे छोटे मुनिवर हो गये निहाल239
- 13आनंद अंतर मा आज ना समाय149
- 14नाचे रे इन्दर देव रे140
- 15मुनिवर आज मेरी कुटिया में आये हैं100
- 16होली खेले मुनिराज रे वन में होली खेले मुनि वन में95
- 17माँ जिनवाणी ज्ञायक बताय दियो रे61
- 18वीर गये निर्वाण चलिये उत्सव में170
- 19नेमि चले रे गिरनार, पानी छमाछम बरसे
- 20बहे अमृत धार देखो सरारारारा131
- 21ऊंचे-ऊंचे शिखरों वाला है ये तीरथ हमारा248
- 22अरररररररर रे मनडो रे लाग्यो रे भक्ति में244
दशलक्षण प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता · Dashlakshan Quiz
प्रतिदिन सायं 4:00 – 4:45 बजे — उस दिन के धर्म पर लाइव Quiz
प्रथम ₹5,000 · द्वितीय ₹3,000 · तृतीय ₹2,000 · चतुर्थ–षष्ठ ₹1,500 प्रत्येक नकद पुरस्कार
प्रतिदिन सायं 4:00 – 4:45 बजे (45 मिनट) उस दिन के धर्म पर लाइव प्रश्नोत्तरी — Leaderboard, सहभागिता प्रमाण-पत्र एवं प्रथम छह स्थानों को नकद पुरस्कार (परिणाम क्षमावाणी, 27 सितम्बर)।
