
दिवस 05 · 20 सितम्बर 2026, रविवार · Day 5
तिथि: भाद्रपद शुक्ल नवमीBhadrapada Shukla Navami
उत्तम सत्य धर्म
Uttam Satya — Supreme Truth
सत्स्वभावी आत्मा के आश्रय से प्रकट वीतराग परिणति
परिचय · Introduction
सत्स्वभावी आत्मा के आश्रय से जो शान्तिस्वरूप वीतराग परिणति उत्पन्न होती है, उसे सत्यधर्म कहते हैं। सत्यवचन को व्यवहार से सत्यधर्म कहा गया है। वाणी की सत्यता और संयम को जिनागम में सत्याणुव्रत, सत्यमहाव्रत, भाषासमिति और वचनगुप्ति — इन चार स्थानों में बाँधा गया है।
विरोधी भाव · Opposes: असत्य
आज की साधना · Today's practice
- दशलक्षण पूजन के उत्तम सत्य अंश का अर्थ सहित पाठ
- कठोर वचन और पर-निंदा के त्याग का संकल्प
- हित-मित-प्रिय वचन का अभ्यास और कुछ समय मौन
आज की पूजन
Today's pujan
दशलक्षण धर्म पूजन — कविवर पं. द्यानतरायजी
पूजन — अर्थ सहित · With meaning
दशलक्षण धर्म पूजन — सरल अर्थ सहित
कविवर पं. द्यानतरायजी
PDF13 पृष्ठ3.6 MB
Openविधान एवं अर्घ्य
Vidhan and arghya
श्री दशलक्षण धर्म विधान — कविवर पं. राजमलजी पवैया
आज की धर्मांग पूजा · Today's vidhan puja
उत्तम सत्य धर्मांग पूजा
कविवर पं. राजमलजी पवैया
PDF35 पृष्ठ4.3 MB
Openसुनें और साथ में पूजन करें
Listen and join in
स्वर · Voices: पं. सुनीलजी शास्त्री एवं सुश्री श्वेतल जैन, राजकोट — सर्वोदय अहिंसा
आज की धर्मांग पूजा · Today's vidhan puja
उत्तम सत्य धर्म पूजन
कविवर पं. राजमलजी पवैया
दशलक्षण धर्म पूजन · Daily pujan
दशलक्षण धर्म पूजन
कविवर पं. द्यानतरायजी
आज का अर्घ्य — पूजन · Today's arghya (pujan)
उत्तम सत्य धर्म अर्घ्य
आज का अर्घ्य — विधान · Today's arghya (vidhan)
उत्तम सत्य धर्म अर्घ्य — विधान
कविवर पं. राजमलजी पवैया
उत्तम सत्य धर्म पर प्रवचन
Today's pravachan
विद्वानों के प्रवचन — वर्ष एवं स्थान के अनुसार
बाल ब्र. पं. रवीन्द्रजी ‘आत्मन्’Baal Br. Pt. Ravindra Ji ‘Aatman’ · 2 talks
डॉ. हुकमचन्द भारिल्लDr. Hukamchand Bharill · 1 talk
बाल ब्र. पं. सुमतप्रकाशजीBaal Br. Pt. Sumat Prakash Ji · 6 talks
डॉ. संजीव गोधाDr. Sanjeev Godha · 1 talk
भक्ति एवं लय
Bhakti and tunes
पूजन-विधान के छन्द किस धुन में गाएँ, और भजन संग्रह
काव्य
Poems
उत्तम सत्य धर्म पर कविताएँ — पढ़ें, गाएँ और बच्चों को सिखाएँ
भव्य प्रमोदकवित्त
उत्तम सत्य
बड़ी नीठि नीठि से मिला है नर जन्म तुझे,झूठ बोलि के खराब क्यों करै जबान रे।कर्कस कठोर दुष्ट झूठ बैन औरन के,हदै को विदार देत बान के समान रे॥पुरुष सत्यवादी का आदर जहान करै,झूठे पुरुषों का कहीं होता नहिं मान रे।मक्खन सा नर्म मिष्ट शिष्ट सत्य बैन बोलि,वशीकर्ण मंत्र यही कहैं भगवान रे॥
समकित शास्त्री
उत्तम सत्य धर्म
सत्य स्वभावी आतम मेरा।झूठे को कर्मों ने घेरा।।हित–मित–प्रिय वचन नित कहना।झूठ बोल विश्वास ना खोना।।सत्यघोष का हुआ अपमान।धनदेव जी पहुंचे देव विमान।।
यह anti–virus हमें झूठ के virus से बचाता है।
विराग शास्त्रीबच्चों के लिए · for children
उत्तम सत्य धर्म
हम नन्हें मुन्ने बच्चे हैं,दांत हमारे कच्चे हैं।झूठ कभी ना बोलेंगे,दिल न किसी का दुखायेंगे।सत्य वचन हितकारी हैं,सबको आनंदकारी है।परम सत्य शुद्धातम मान,बन जाना जल्दी भगवान॥
कविताएँ चित्रों से टाइप की गई हैं; कोई त्रुटि दिखे तो बताएँ। Typed from the original cards — please tell us if you spot a mistake.
अध्ययन
Study
आज के धर्म को समझने के लिए
आज के चित्र
Today's images
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आज आपने क्या सीखा? · What did you learn today?
उत्तम सत्य — आज की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
Today's quiz competition



