
दिवस 07 · 22 सितम्बर 2026, मंगलवार · Day 7
तिथि: भाद्रपद शुक्ल एकादशीBhadrapada Shukla Ekadashi
उत्तम तप धर्म
Uttam Tap — Supreme Austerity
इच्छा-निरोधपूर्वक आत्मलीनता द्वारा विकारों पर विजय
परिचय · Introduction
समस्त रागादि भावों की इच्छा के त्यागपूर्वक आत्मलीनता द्वारा विकारों पर विजय प्राप्त करना तप है; धवला में इच्छा-निरोध को तप कहा है। तप बारह प्रकार का है — छह बहिरंग और छह अंतरंग। सम्यग्दर्शन के बिना किया गया तप बालतप कहा गया है।
विरोधी भाव · Opposes: विषयों की इच्छा (अतप)
आज की साधना · Today's practice
- दशलक्षण पूजन के उत्तम तप अंश का अर्थ सहित पाठ
- शक्ति के अनुसार उपवास, एकाशन अथवा अल्पाहार
- स्वाध्याय और ध्यान — अंतरंग तप — के लिए नियत समय
आज की पूजन
Today's pujan
दशलक्षण धर्म पूजन — कविवर पं. द्यानतरायजी
पूजन — अर्थ सहित · With meaning
दशलक्षण धर्म पूजन — सरल अर्थ सहित
कविवर पं. द्यानतरायजी
PDF13 पृष्ठ3.6 MB
Openविधान एवं अर्घ्य
Vidhan and arghya
श्री दशलक्षण धर्म विधान — कविवर पं. राजमलजी पवैया
आज की धर्मांग पूजा · Today's vidhan puja
उत्तम तप धर्मांग पूजा
कविवर पं. राजमलजी पवैया
PDF44 पृष्ठ5.5 MB
Openसुनें और साथ में पूजन करें
Listen and join in
स्वर · Voices: पं. सुनीलजी शास्त्री एवं सुश्री श्वेतल जैन, राजकोट — सर्वोदय अहिंसा
आज की धर्मांग पूजा · Today's vidhan puja
उत्तम तप धर्म पूजन
कविवर पं. राजमलजी पवैया
दशलक्षण धर्म पूजन · Daily pujan
दशलक्षण धर्म पूजन
कविवर पं. द्यानतरायजी
आज का अर्घ्य — पूजन · Today's arghya (pujan)
उत्तम तप धर्म अर्घ्य
आज का अर्घ्य — विधान · Today's arghya (vidhan)
उत्तम तप धर्म अर्घ्य — विधान
कविवर पं. राजमलजी पवैया
उत्तम तप धर्म पर प्रवचन
Today's pravachan
विद्वानों के प्रवचन — वर्ष एवं स्थान के अनुसार
बाल ब्र. पं. रवीन्द्रजी ‘आत्मन्’Baal Br. Pt. Ravindra Ji ‘Aatman’ · 2 talks
डॉ. हुकमचन्द भारिल्लDr. Hukamchand Bharill · 1 talk
बाल ब्र. पं. सुमतप्रकाशजीBaal Br. Pt. Sumat Prakash Ji · 5 talks
डॉ. संजीव गोधाDr. Sanjeev Godha · 1 talk
भक्ति एवं लय
Bhakti and tunes
पूजन-विधान के छन्द किस धुन में गाएँ, और भजन संग्रह
काव्य
Poems
उत्तम तप धर्म पर कविताएँ — पढ़ें, गाएँ और बच्चों को सिखाएँ
भव्य प्रमोदकवित्त
उत्तम तप
कर्म शैल तोड़न को वज्र के समान तप,मोह अन्धकार के विनाशन को भान है।मिथ्या घनघोर घटा फारन को मारुत है,पाप पुञ्ज जारन को अग्नि के समान है।ओषधादि द्वादश प्रकार बाह्य–अभ्यन्तर,चित्त वृत्ति रोक करौ होय पूर्ण ज्ञान है।शैल वन गुफा नदी किनारे ध्यानस्थ होय,तपश्चरण किये पास आवै निरवान है।
समकित शास्त्री
उत्तम तप धर्म
आत्मलीनता ही तप जानो।सब पर वस्तु रहित निज मानो।।विषयों की इच्छा नहीं करना।निर्वांछक हो तप आचरना।।नर भव की महिमा पहचानो।सुकुमाल महामुनि सम तप ठानो।।
तप का anti–virus हमें विषय भोगों के virus से बचाता है।
विराग शास्त्रीबच्चों के लिए · for children
उत्तम तप धर्म
मम्मी जी ओ मम्मी जी,मेरी प्यारी मम्मी जी।जल्दी से बतलाना जीमुझको भी समझाना जी।उत्तम तप क्या होता है?कैसे पाला जाता है?उत्तम का मतलब है क्या?भेद तपों के होते क्या?बेटा! सुनो ध्यान से बात,उत्तम तप का रखना साथ।उत्तम आतम दर्शन है,कहते सम्यक दर्शन हैं।तप से हो जीवन श्रृंगार,तप से हो कर्मों की हार।अंतर-बाहर छह-छह भेद,तप करने में करो ना खेद।जितनी शक्ति उतना तप,सब पापों से रहना बच।तप से होता कर्म विनाश,उत्तम तप दे मुक्ति प्रकाश।
कविताएँ चित्रों से टाइप की गई हैं; कोई त्रुटि दिखे तो बताएँ। Typed from the original cards — please tell us if you spot a mistake.
अध्ययन
Study
आज के धर्म को समझने के लिए
आज के चित्र
Today's images
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आज आपने क्या सीखा? · What did you learn today?
उत्तम तप — आज की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
Today's quiz competition



