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दशलक्षण धर्म — काव्य
मंगलाचरण सहित उत्तम क्षमा से उत्तम ब्रह्मचर्य तक प्रत्येक धर्म पर पद, ‘अहो! दशलक्षण धर्म महान’ की टेक और ‘मर्म’ के सोरठों सहित काव्य।
- श्रेणी · Category
- भक्ति एवं लय · Bhakti · भजन एवं पाठ संग्रह
- रचयिता · Author
- ब्र. रवीन्द्र जी ‘आत्मन्’
- प्रारूप · Format
- PDF · 2 पृष्ठ · 203 KB
स्रोत · Source: forum.jinswara.com — साभार · with thanks
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