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दशलक्षण महापर्व 2026सम्यग्ज्ञान प्रचार-प्रसार ट्रस्ट

दिवस 01 · 16 सितम्बर 2026

उत्तम क्षमा धर्म

क्रोध के अभाव में आत्मा में प्रकट होने वाली शान्ति

परिचय

क्षमास्वभावी आत्मा के आश्रय से आत्मा में जो क्रोध के अभावरूप शान्तिस्वरूप पर्याय प्रकट होती है, उसे क्षमा कहते हैं। क्रोध आत्मा की ऐसी विकृति है जिससे विवेक समाप्त हो जाता है और भले-बुरे की पहचान नहीं रहती। दश धर्मों का क्रम उत्तम क्षमा से आरम्भ होता है।

विरोधी भाव: क्रोध

आज की साधना

  • दशलक्षण पूजन के उत्तम क्षमा अंश का अर्थ सहित पाठ
  • कटु वचन सुनकर भी मन में खेद न लाने का अभ्यास
  • जिनसे मनमुटाव हो, उनके प्रति मन से वैर-भाव छोड़ने का संकल्प

उत्तम क्षमा धर्म

क्षमा धर्म का मूल है।क्रोध को करना भूल है।।क्रोध क्षमा से मिटता है।क्रोधी मानव पीटता है।।क्रोध से द्विपायन नरक गए।क्षमा से यशोधर मुक्त हुए।।
समकित शास्त्री

क्षमा का anti–virus हमारे operating system को cool down रखता है और क्रोध virus से बचाता है।

आज की पूजन

दशलक्षण धर्म पूजन — कविवर पं. द्यानतरायजी

विधान एवं अर्घ्य

श्री दशलक्षण धर्म विधान — कविवर पं. राजमलजी पवैया

भक्ति एवं लय

पूजन-विधान के छन्द किस धुन में गाएँ, और भजन संग्रह

अध्ययन

आज के धर्म को समझने के लिए

आज के चित्र

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आज आपने क्या सीखा?

उत्तम क्षमा — 5 प्रश्नों की दैनिक Quiz

आज के धर्म पर 5 सरल प्रश्न — उत्तर के साथ व्याख्या भी।

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