01
दोहा छन्द
इन भजनों की धुन में
- करलो जिनवर का गुणगान…
- मीठे रस से भरी जिनवाणी…
- निर्ग्रंथों का मार्ग…
- आओ रे आओ रे ज्ञानानंद…
श्रवण एवं अभ्यास
22 प्रमुख छन्दों की सरल वीडियो मार्गदर्शिका। प्रत्येक छन्द के साथ वे प्रचलित भजन दिए हैं जिनकी धुन में वह गाया जा सकता है। प्रस्तुति: पं. समकित शास्त्री।
01
इन भजनों की धुन में
02
इसी लय में: ताटंक / मत्त सवैया
इन भजनों की धुन में
03
इसी लय में: बेसरी
इन भजनों की धुन में
04
इसी लय में: चान्द्रायण / अडिल्ल
इन भजनों की धुन में
05
इसी लय में: गीतिका
इन भजनों की धुन में
06
इन भजनों की धुन में
दोहा के समान गा सकते हैं।
07
इसी लय में: रेखता / मोतियादाम
इन भजनों की धुन में
08
इसी लय में: सखी / पायत्ता
इन भजनों की धुन में
09
इसी लय में: सार / नरेंद्र
इन भजनों की धुन में
वीर छन्द के भजनों की धुन में भी गा सकते हैं।
10
इन भजनों की धुन में
चौबीस तीर्थंकर अर्घ्य की लय।
11
इसी लय में: त्रोटक
इन भजनों की धुन में
चौपाई छन्द के भजनों की धुन में भी गा सकते हैं।
12
इसी लय में: कामिनीमोहन / लक्ष्मीधरा / नाराच
नीर गंध अक्षतान पुष्प चारु लीजिये।दीप धूप श्रीफलादि अर्घ तें जजीजिये॥
इन भजनों की धुन में
13
इन भजनों की धुन में
14
इन भजनों की धुन में
15
इसी लय में: सुन्दरी
होय च्युत महाशुक्र विमान से, आये विजया माता गर्भ में।
इन भजनों की धुन में
16
इन भजनों की धुन में
चौपाई छन्द के भजनों की धुन में भी गा सकते हैं।
17
इसी लय में: राधिका
अरनाथ जिनेश्वर, दुर्लभ दर्शन पाया।हे जगतपूज्य! पूजा का भाव जगाया॥
इन भजनों की धुन में
18
इन भजनों की धुन में
19
इसी लय में: उपेन्द्रवज्रा
नित्याप्रकंपाद्भुत-केवलौघाः स्फुरन्मनः पर्य-शुद्धबोधाः।
इन भजनों की धुन में
20
अरिहन्तो-भगवन्त इन्द्रमहिता: सिद्धाश्च सिद्धीश्वरा:,
इन भजनों की धुन में
21
भक्तामर-प्रणत-मौलि-मणि-प्रभाणा-
इन भजनों की धुन में
22
यदीये चैतन्ये मुकुर इव भावाश्चिदचिताः
इन भजनों की धुन में
सभी वीडियो SAMKIT SHASTRI YouTube चैनल से। अन्य लय अथवा सुझाव के लिए पं. समकित शास्त्री से सम्पर्क करें।