PDF527 पृष्ठ6.6 MB
रत्नकरण्ड श्रावकाचार — पं. सदासुखदासजी की टीका
टीका में ‘धर्म के दश लक्षण’ — उत्तम क्षमा से उत्तम ब्रह्मचर्य तक विस्तृत विवेचन।
- श्रेणी · Category
- अध्ययन सामग्री · Study · मूल ग्रन्थ — दशलक्षण प्रकरण
- रचयिता · Author
- आचार्य समन्तभद्र · टीका: पं. सदासुखदासजी कासलीवाल
- प्रारूप · Format
- PDF · 527 पृष्ठ · 6.6 MB
दशलक्षण प्रकरण · Dashlakshan passage
षष्ठ भावना अधिकार — ‘धर्म के दश लक्षण’
PDF पृष्ठ 331–358 · छपी पुस्तक पृ. 288–315
मूल रत्नकरण्ड श्रावकाचार में अलग दशलक्षण प्रकरण नहीं है; सोलहकारण भावनाओं के बाद पं. सदासुखदासजी की टीका में ‘धर्म के दश लक्षण’ — उत्तम क्षमा से उत्तम ब्रह्मचर्य तक प्रत्येक धर्म का विस्तृत, सरल हिन्दी विवेचन।
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