मुख्य सामग्री पर जाएँ · Skip to content
दशलक्षण महापर्व 2026Dashlakshan Mahaparv 2026

नाटक स्क्रिप्ट · Play script

श्रुत पंचमी — लघु नाटिका

Shrut Panchami (Short Play)

रचयिता Author: डॉ. नितेश शाह · ~3 min पढ़ने में

Original PDF

दो बहनों के संवाद के माध्यम से श्रुत पंचमी का महत्व समझाती मंचन-योग्य लघु नाटिका — ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी को जिनवाणी माँ का लिपिबद्ध होना, आचार्य धरसेन द्वारा पुष्पदंत व भूतबली मुनिराजों को षटखंडागम का ज्ञान देना, व इस पर्व पर जिनवाणी की सार-संभाल। पाठशाला व बाल संस्कार कार्यक्रम हेतु आदर्श। लेखक — डॉ. नितेश शाह।

A short staged Jain natak explaining the significance of Shrut Panchami (the day Jinvani was first scripted & Shatkhandagam completed) through a two-sister dialogue. Jain natak script for pathshala & children’s programs.


श्रुत पंचमी लघु नाटिका

विशुद्धि: अरे ! बहन सुबह सुबह कहाँ चली ?

प्रसिद्धि: बहन ! अभी स्कूल की छुट्टियाँ चल रही है, मैं तो मूवी देखने जा रही हूँ। तुम यह सजी हुई जिनवाणी लेकर कहाँ जा रही हो?

विशुद्धि: अरे ! बहन क्या तुम्हें पता नहीं आज तो श्रुत पंचमी है, मैं तो श्रुत पंचमी विधान में जा रही हूँ ।

प्रसिद्धि: ये श्रुत पंचमी क्यों मनाते है ?

विशुद्धि: ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी के दिन ही हमारी जिनवाणी माँ लिपि बद्ध हुई थी। इसी दिन षटखंडागम ग्रन्थ राज पूर्ण हुआ था। अनादी निधन नमोकर मन्त्र भी इस ग्रन्थ में पहली बार लिखा गया था। भगवान महावीर के मोक्ष जाने के ४०० - ५०० वर्ष बाद हम लोगों की स्मृति धीरे धीरे कम होती गई, इससे चिंतित होकर आचार्य धरसेन को विकल्प आया, तब उन्होंने भारत के दक्षिण से दो योग्य मुनिराज को बुलवाकर उनकी परीक्षा लेकर उन्हें जिनवानी के बारह अंगों का विस्तृत ज्ञान दिया। आज के दिन ही पुष्पदंत और भुतबली मुनिराजों ने षटखंडागम ग्रन्थ को पूर्ण किया था ।

प्रसिद्धि: अरे ! वाह मुझे तो पता ही नहीं था । मैं तो बहुत बड़ा पाप करने जा रही थी, तुमने तो मेरी आँखे खोल दी ।

विशुद्धि: इस पर्व को जैन साधर्मी बड़े ही उत्साह से मनाते है । सभी जैन मंदिरों में जिनवानी की सार संभाल की जाती है । जिनवानी को सजाने की प्रतियोगिता आयोजित की जाती है ।

प्रसिद्धि: तब तो मैं भी तुम्हारे साथ मंदिर चलूंगी ।

विशुद्धि: तो फिर किस बात की देरी? चलो चले श्रुत पंचमी विधान में । जय जिनेन्द्र।

लेखक : डॉ. नितेश शाह


स्रोत: दस लक्षण सांस्कृतिक कार्यक्रम संग्रह — मंचन-योग्य नाटक (जैन समुदाय पांडुलिपि)

प्रूफरीडिंग बाकी है

स्रोत · Source: forum.jinswara.com — अनुमति सहित, साभार · shared with permission and thanks.

दशलक्षण प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता · Dashlakshan Quiz

प्रतिदिन सायं 7:00 – 7:30 बजे — उस दिन के धर्म पर लाइव Quiz

प्रथम ₹7,000 · द्वितीय ₹5,000 · तृतीय ₹3,000 नकद + 7 सुनिश्चित पुरस्कार

प्रतिदिन सायं 7:00 – 7:30 बजे (30 मिनट) उस दिन के धर्म पर लाइव प्रश्नोत्तरी — वरीयता सूची, सहभागिता प्रमाण-पत्र एवं शीर्ष 10 को पुरस्कार (परिणाम क्षमावाणी, 27 सितम्बर)।