जैनधर्म का सामान्य ज्ञान
जैनधर्म का सामान्य ज्ञान
प्रतियोगियों का नाम -
प्रश्न -
- वर्तमान के अंतिम तीर्थंकर का नाम
- भविष्य के अंतिम तीर्थंकर का नाम
- भूतकाल के अंतिम तीर्थंकर का नाम
- वर्तमान के अंतिम चक्रवर्ती का नाम
- वर्तमान के अंतिम नारायण का नाम
- वर्तमान के अंतिम प्रतिनारायण का नाम
- वर्तमान के अंतिम रुद्र का नाम
- वर्तमान के अंतिम नारद का नाम
- वर्तमान के अंतिम श्रुतकेवली का नाम
- वर्तमान के अंतिम केवली का नाम
- वर्तमान के अंतिम बलभद्र का नाम
- वर्तमान के अंतिम कामदेव का नाम
- वर्तमान के अंतिम कुलकर का नाम
- अंतिम द्वीप का नाम
- अंतिम समुद्र का नाम
- अंतिम अनुत्तर का नाम
- अंतिम श्रेवेयक का नाम
- अंतिम स्वर्ग का नाम
- अंतिम गुणस्थान का नाम
- उपशम श्रेणी का अंतिम गुणस्थान
- क्षयोपशम का अंतिम गुणस्थान
- मोहक्षय का अंतिम गुणस्थान
- मिथ्यात्व का अंतिम गुणस्थान
- अंतिम कल्याणक का नाम
- द्वादशांग के अंतिम अंग का नाम
- जीव की अंतिम दशा का नाम
आओ स्वाध्याय करें प्रतियोगिता -1
प्र मा ण मी मां सा य ट ना ध रा ला मू
मे ण ति लो य प ण ति त थ ऐ ण ला
य प रा फ ब रा र ध ठ पं आ य चा
र प्र ण पु भ म द मा चा रि त्र सा र
ल मा रा रू हा स अं स्ति त्त म ह स र चा
मा ण पु दे ध म का र क्ष प्र त्र म का
ला प श व नि य म सा र मे का ध व
व री व च सं सा ड या य य क श प्रा
ध क्षा रि मू ख र ग क्रि ण क म का ण ड
गं ध ह स्ति म हा भा व्य सा म का चि र
इ क्षे प दे श ब्दा व ता र ल ण ड क्रि क
वृ द्धा व न वि ला स ना म मा ला ला ल
प र मा ध्या त्त र गं नि त्त क स र
प रू वा र्थि सि द्धि उ पा य ण ड का ध र अ
नियम -: आपको इसमें 30 ग्रंथों के नाम ढूंढने हैं। उन पर
बॉक्स का चिन्ह बनाना है। ढूंढे हुए नामों को नीचे लिखना है।
इस प्रकार
वर्ग पहेली - 3
न न ल्पा तो उ ता ठ भो हि मी
र म र्ग आ जि प आ ष ब ग द स्वा
क क र णा नु यो गा शु तु म म्बू
शु ट शि ति ग अ स्ति त्त शु ज
ना त चे श्य पू पू पू ल्पा क यं
गी हि ज्य यो ती व र्ग ज प्रे चा ए
सा डी ग न र्ण क ध णि आ क्षा र
र्श ल ज्ञा ना व र ण र र वि दी
न ति हि धु सु ण म त्र क हा
म ना ध म सं नि य म ल्य म
प्रश्न -
- एक गति (3)
- ज्ञान के भेद (2)
- एक अनुयोग (6)
- भाव की अवस्था विशेष (2)
- एक गुणस्थान (8)
- एक सामान्य गुण (3)
- वर्तमान के नाना (3)
- एक पाप (2)
- एक परमेष्ठी (3)
- एक कर्म (5)
- एक राजा (2)
- अनिन्द्रिय (2)
- ज्ञान दर्शन का व्यापार (4)
- धर्म के लक्षण (2)
- दो बुद्धियाँ (4,3)
- शास्त्र की कथनपद्धति (4)
- बार-बार चिंतन (4)
- श्रावक के लिये दो का त्याग (2,2)
- एक केवली (4)
- जीव का लक्षण (3)
- एक इन्द्रिय (2)
- एक सम्यक्त्व (3)
- पुद्गल का एक लक्षण (2)
- एक ज्ञान (4)
- एक कर्म (2)
- व्रत के प्रकार (3,2)
नोट - अक्षरों को ऊपर, नीचे, दायें, बायें, तिरछा करके उत्तर खोजिये तथा उत्तर निर्देशों के अनुसार
चार्ट बनाइये। उदाहरण - 1. एक कर्म - ज्ञानावरण
नाम -
वर्ग पहेली - 1
वर्ग पहेली का चित्र
आड़ी लाइन
- समयसार का एक अधिकार
- एक चरणानुयोग का ग्रंथ
- आ. पद्मनंदी (द्वितीय) द्वारा रचित ग्रंथ
- आ. जिनसेन (द्वितीय) द्वारा रचित ग्रंथ
- ज्ञानार्णव के रचयिता
- आचार्य देवसेन द्वारा रचित ग्रंथ
- जिसने बैल की णमोकार मंत्र सुनाया
14.-15. डॉ. हुकमचंद द्वारा लिखित एक पुस्तक - आ. नेमिचन्द्र सिद्धांत चक्रवर्ती द्वारा रचित ग्रंथ
खड़ी लाइन
- कुत्ते को णमोकार मंत्र सुनाया
- गुरुदेवश्री के प्रवचन पर छपी पुस्तक
- एक ग्रंथ का नाम
- आ. कुन्दकुन्द रचित एक ग्रंथ
- एक दिशा
- 6 खण्डों को जीतने वाला
- आ. देवसेन द्वारा रचित ग्रंथ
नाम - …
स्रोत: Gyata संग्रह।
प्रूफरीडिंग बाकी है
